वेद विश्व वाङ्मय के इतिहास में सर्व प्राचीन ग्रंथ है। । यह मानव सभ्यता के अभिन्न ज्ञान-विज्ञान, परम्परा और संस्कृति का उत्स है। यह अनादिकाल से विद्यमान पराभौतिक ज्ञान के आसुत ज्ञान का मौखिक संग्रहण है।

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“आ नो॑ भ॒द्रा: क्रत॑वो यन्तु वि॒श्वत॑:”

अर्थात् विश्व से कल्याणकारी विचार हमारे पास आएं (ऋग्वेद 1-89-1)